{जाने} औपचारिक पत्र कैसे लिखें? | Format Of Formal Letter In Hindi

Format Of Formal Letter In Hindi- दोस्तों पत्र लेखन एक ऐसी कला है जिसके जरिए आप अपनी भावनाओं को अच्छी तरह व्यक्त कर पाते हैं, उन्हीं में से एक है औपचारिक पत्र लेखन। जब भी आप किसी Officially कार्य से संबंधित पत्र लेखन करते हैं तो वह औपचारिक पत्र लेखन कहलाता है ल, लेकिन आज के समय जहां हम व्हाट्सएप फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल साइट्स का यूज कर आसानी से मैसेज के जरिए संवाद करते हैं, वहां लोगों को यह नहीं पता कि औपचारिक पत्र कैसे लिखा जाता है। इसलिए आज इस लेख में आपको बताऊंगा कि औपचारिक पत्र कैसे लिखें जाते हैं? 

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औपचारिक पत्र क्या है? 

जब हम अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित किसी व्यक्ति को पत्र लिखकर किसी खास विषय पर चर्चा करते हैं तो वह औपचारिक पत्र लेखन के माध्यम से किया जाता है। एक विद्यार्थी अपने प्रधानाचार्य से छुट्टी लेने के लिए औपचारिक पत्र लेखन करता है, हम अपने विभाग में जब किसी कर्मचारी या वरिष्ठ अधिकारी से पत्र व्यवहार करते हैं तो वहां पर भी औपचारिक पत्र लेखन ही उपयोग किया जाता है। 

किसी भी सरकारी विभाग में हमें कोई शिकायत करनी हो या कोई निवेदन करना हो, दोनों ही स्थिति में औपचारिक पत्र लेखन के जरिए ही संवाद किया जाता है। यहां बातें बहुत संक्षिप्त में और To the Point होती हैं। 

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औपचारिक पत्र के प्रकार

  1. प्रार्थना पत्र
  2. कार्यालयी पत्र
  3. व्यावसायिक पत्र

1. प्रार्थना पत्र

प्रार्थना पत्र जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि इसमें हम संबंधित व्यक्ति से कोई निवेदन करते हैं। अमूमन ऐसे पत्र हम विद्यालय में बहुत ज्यादा लिखते हैं, जब हमें अवकाश लेने की जरूरत होती है। इसके अलावा किसी सरकारी विभाग ने किसी खास कार्य के लिए जब पत्र व्यवहार करते हैं तो उसे भी निवेदन पत्र के अंतर्गत रखा जाता है। 

2. कार्यालयी पत्र

ऐसे पत्र जो कार्यालय के अंदर कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों को लिखे जाते हैं वह कार्यालय पत्र कहलाते हैं। जैसे किसी कार्यालय में कई व्यक्ति कार्य करते हैं जिनकी Post अलग-अलग होती है, अब उनके बीच का जो संवाद होता है वह भी मौखिक होने के साथ-साथ पत्रों के जरिए भी होता है जो आधिकारिक रहता है। तो यह संवाद भी औपचारिक पत्र व्यवहार के अंतर्गत ही आता है। 

3. व्यावसायिक पत्र

किसी व्यवसाय से संबंधित व्यक्तियों के बीच जो पत्र व्यवहार होता है वह व्यावसायिक पत्र कहलाता है। यह भी औपचारिक पत्र लेखन के अंतर्गत आता है इसमें दुकानदार, व्यापार या किसी कंपनी को लिखे जाने वाले पत्र शामिल है। 

औपचारिक पत्र के अंग 

एक औपचारिक पत्र 7 अंगों से मिलकर बनता है और उन सभी अंगों को लिखने की अपना एक खास तरीका होता है तो वह अंग कौन से है उनकी जानकारी नीचे दी गई है:- 

  1. किसी भी पत्र की शुरुआत ‘सेवा में’ लिखकर होती है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति की पोस्ट और उसका पता लिखा जाता है। 
  2. उस व्यक्ति के लिए सम्मान सूचक शब्द जैसे श्रीमान, श्रीमती,मान्यवर, महोदय, महोदया जैसे शब्द उपयोग किए जाते हैं। 
  3.  इसके बाद विषय लिखा जाता है जिसमें बहुत ही कम शब्दों में पत्र किस मुद्दे से संबंधित है उसका जिक्र किया जाता है। 
  4. इसके बाद आपके मुख्य पत्र की शुरुआत होती है, जिसमें सबसे पहले आपको विषय वस्तु लिखनी होती है, विषय वस्तु आप दो प्रकार से लिख सकते हैं।
  5. ‘सविनय निवेदन है कि’ या “आपसे विनम्र निवेदन है कि” लिखने के बाद आप मुख्य मुद्दे की बात करें।
  6. पूरा पत्र होने के बाद आखिरी के कुछ लाइनों में धन्यवाद या कष्ट के लिए क्षमा प्रार्थी हूं या कृपा करें जैसे शब्दों का इस्तेमाल करें।
  7. इसके बाद आपके पत्र आखिरी भाग आ जाता है, जहां पर आपको भवदीय या प्रार्थी, या आपका आज्ञाकारी शिष्य लिखना है और उसके बाद अपना नाम अपना पता पता लिखें। यह आपको पत्र के दाहिने तरफ लिखना है। 

औपचारिक पत्र कैसे लिखे जाते है? | Format Of Formal Letter In Hindi

  1. औपचारिक पत्र हमेशा किसी आधिकारिक व्यक्ति को लिखा जाता है, इसलिए आप उस पत्र में जिन शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं वह बहुत ही मर्यादित होनी चाहिए और जितने कम शब्दों में आप अपनी बात कह सके उतना अच्छा माना जाता है।
  2. पत्र की भाषा सरल, सुंदर और स्पष्ट हो। साथ ही बहुत ज्यादा बातों को बढ़ा चढ़ा कर लिखने से बचें।
  3. पत्र की शुरुआत और अंत इतना प्रभावशाली हो कि पढ़ने वाला व्यक्ति आपसे प्रभावित भी हुए बिना ना रह सके, इससे आपके काम होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।
  4.  पत्र लिखने से पहले मार्जिन लाइन जरूर मिला लें।  कई लोग पत्र लिखते हैं, लेकिन ऊपर वाली लाइन और नीचे वाली लाइन एक दूसरे से मैच नहीं करती, इससे पत्र बेढंगा दिखने लगता है। इसलिए पहले मार्जिन लाइन बना लें और उस को ध्यान में रखते हुए पत्र लिखें जिससे यह बहुत खूबसूरत दिखने लगेगा। 

औपचारिक पत्र के कुछ उदाहरण

उदाहरण 1. 

स्वास्थ्य खराब होने के कारण 5 दिनों के अवकाश हेतु  प्रार्थना पत्र.

सेवा में,

श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय,

केंद्रीय विद्यालय पटना, बिहार

दिनांक: 30/11/22

विषय: अवकाश प्राप्ति हेतु प्रार्थना पत्र।

श्रीमान,

सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय में कक्षा दसवीं का छात्र हूं। कल दिनांक 29/11/22 को शाम के समय से मुझे तीव्र बुखार आ गया। डॉक्टर को दिखाने पर उन्होंने मुझे 5 दिन का विश्राम करने की सलाह दी है। इस कारण मैं चाहते हुए भी विद्यालय आने में असमर्थ हूँ। 

अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि आप मुझे दिनांक 30/11/21 से 04/12/22 तक अवकाश प्रदान करने की कृपा करें।

दिनांक

30/11/2022

आपका आज्ञाकारी शिष्य

दीपक गुप्ता

कक्षा-10

रोल नंबर-26

उदाहरण-2

आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण छात्रवृत्ति हेतु प्रार्थना पत्र. 

सेवा में,

श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय,

केंद्रीय विद्यालय पटना, बिहार

दिनांक: 30/11/22

विषय- छात्रवृत्ति हेतु प्रार्थना पत्र।

श्रीमान,

सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय में कक्षा दसवीं का छात्र हूं। मेरा शैक्षणिक प्रदर्शन प्रतिवर्ष अच्छा रहता है। मैं अच्छे अंकों से न सिर्फ उत्तीर्ण होता हूँ बल्कि अपने कक्षा में हर वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त करता हूँ।  

अध्ययन के अलावा मैं विद्यालय द्वारा आयोजित अन्य प्रतिस्पर्धाओं में भी भाग लेता हूँ। हाल ही में आयोजित जिला स्तरीय लंबी कूद प्रतियोगिता में मैं अपने विद्यालय का प्रतिनिधित्व किया हूँ, जिसमें मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा है और हमारे विद्यालय का मान बढ़ा है। मेरे व्यवहार कुशलता और कर्मठ स्वभाव के कारण अपने कक्षा का मॉनिटर मुझे बनाया जाता रहा है। 

मेरे पिताजी मजदूरी का कार्य करते है, लेकिन उनकी आय इतनी नही है जिससे घर के खर्चे और मेरी पढ़ाई साथ साथ चल सके। कई बार पढ़ाई छोड़ने तक कि स्थिति बन चुकी थी लेकिन कर्ज लेकर मेरी फ़ीस दी गई। 

अपने घर की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मैं पूरे मन से पढ़ाई भी नही कर पा रहा, और चिंतित हूँ कि मेरा भविष्य कही अंधकार में न डूब जाए। 

महोदय से सविनम्र निवेदन है कि मेरे परिवार की बदहाल आर्थिक स्थिति को देखते हुए मेरे ऊपर कृपा की जाए। मुझे छात्रवृत्ति की बहुत ज्यादा जरूरत है, ताकि मैं अपनी पढ़ाई आगे सुचारू रूप से कर सकूं, अन्यथा पढ़ाई के बिना मेरा भविष्य अंधकार में डूब जाएगा। 

अतः आपसे अनुरोध है कि आप मुझे जल्द से जल्द छात्रवृत्ति प्रदान करने की कृपा कीजिए, ताकि मैं अपनी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रख सकूं. 

दिनांक

30/11/2022

                   

आपका आज्ञाकारी शिष्य

दीपक गुप्ता

कक्षा-10

रोल नंबर-26

FAQ’S Related To Format Of Formal Letter In Hindi

फॉर्मल लेटर का मतलब क्या होता है?

Formal Letter को हिंदी भाषा में औपचारिक पत्र कहते हैं जो की सहज भाषा और शिष्टापूर्ण का प्रतिक है. यह लेटर केवल प्रधानाचार्य एवं सरकारी विभागों में लिखें जाते हैं.

औपचारिक पत्र और उदहारण क्या है?

यदि आप औपचारिक पत्र कैसे लिखें? (Format Of Formal Letter In Hind) और उदाहरण जानना चाहते हैं तो आप आज का यह लेख पूरा पढ़ें। क्योंकि, इस लेख में औपचारिक पत्र का उदहारण दिया हुआ है.

निष्कर्ष (Format Of Formal Letter In Hindi)

उम्मीद करता हूँ कि यह लेख पढ़ने के बाद आप अच्छी तरह समझ गए होंगे कि औपचारिक पत्र कैसे लिखे जाते है।

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